बुशैहरी पारंपरिक झुड़कै

पहाड़ी लौगा लै पहाड़ी तैईया पाड़ा पी रौणे वाणे लौ़ग बौला, जुण हिमाली ज़ागा दी रौणे वाणे औलग औलग टौबरा लै इसतेमाल कौरणे वाणौ शब्द आ। बुशहैरी लौग पारंपरिक झ़ुड़कै बिणा ज़ुण रौग बिरगै हौआ बलकी तिनै पाड़ी ज़ागा दी शेड़ै कै बचाऊआ। बुशहरी टोपै (जुण मुडा दी ला) बुशहरी लौगै पहच़ाण आ, छ़ैऊड़ी ज़ूण झ़ुड़कै बिणा, रेज़्ता, चौला – लांबौ ऊनौ झ़ुड़कौ या गाऊन जिऊ लै कौमरबंद बौला (जिऊ लै डौरौ या पाटी बी बौला) ऐता का बाना। धाटु - एक ऊनी स्कार्फ या मुडा ढौकणा लै औआ जिऊ दी बांकी कढ़ाई कौरा। 

बुशैहरी पारंपरिक झुड़कै
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थारै हिमंत हामा लै कीमीती आ।

थारी कहाणी ऐआ वेबसाईटा बड़ाऊणा लै मौतद कौरा।