हाम औलग औलग ज़ागा दी आपनी सेवा दैई। मारौ मकसद आ की मारै लाकै ज़ादै लौग तैईया छ़ौटू आपणी भाषा दी पौढ़ा लिखा तैईया पौढ़ी लिखीऔ आपणै लौगौ सातै भाषौ विकास कौरै।
हामा ज़ाणी मारै लाकै ज़ादै लौग आपणी भाषा दी चौपड़ा। आपणै काम काज़ कौरदी बौक्ता बी आपणी भाषौ इसतेमाल कौरा। तैई हामा आपणे लाकै लौगा लै ज़ुण बी पौढ़नै सामग्री तैयार कौरी। तिना लै तिनी भाषा दी तैयार कौरी। जिऊका तिना लै पौढ़ौनौ लिखणौ आसान हौआ तैईया सै बांकै का पौढ़ी सौका। आपणे मण्डली कै ज़रिऐ, हामा सिर्प शिक्षा ज़रिऐ आपणी भाषा दी बौड़ै लौगा लै पढ़ौनौ शकैऊई। बौलकि आपणै लाकै पौढ़ै लिखैदै लौगा लै तैईया छ़ौटू लै आपणी भाषा दी औलग औलग पौढ़नी कताबा दैई। ऐता कै छ़ौटू औचड़ी काई आपणी भाषौ जरूरत सौमझा, ऐता का मारै भाषा खौत्म नां च़ैई ऊऐ।हामा लै आशा आ मारै लाकै बादै लौग बुशैहरी भाषा दी पौढ़ा लिखा सातै मारै लाकौ तैईया लौगौ विकास हौआ।
धनवाद।